मुझे बदनाम लिख दो's image
Poetry1 min read

मुझे बदनाम लिख दो

Priyam DubeyPriyam Dubey August 20, 2022
Share0 Bookmarks 47 Reads1 Likes
मेरे ज़िंदगी में थोड़ा सा आराम लिख दो
मोहब्बत होगी मुक्कमल ये अंज़ाम लिख दो

ना चाहिए ज़माने भर की खुशी मुझको
एक मेरे महबूब को बस मेरे नाम लिख दो

हर सफ़र में उसको मेरा हमसफ़र लिखना
मेरे दिल पर एक उसी का मुकाम लिख दो

हर लम्हा उसके ख़्यालों में गुज़र जाएगा
उसके साथ ज़िंदगी की हर शाम लिख दो

हो रिश्ता मेरा उससे मधुशाला के जैसा
वो शाक़ी हो तो मेरे नसीब में जाम लिख दो

है मोहब्बत इस क़दर एकतरफ़ा "प्रियम"
शरीफ़ों के शहर में मुझे बदनाम लिख दो

No posts

Comments

No posts

No posts

No posts

No posts