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जो दिल ही ना लगाए

Priyam DubeyPriyam Dubey September 14, 2022
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जो दिल ही ना लगाए भला वो मोहब्बत क्या जाने
ऐश-पसंद लोग शमा-ए-राह की इज़्ज़त क्या जाने

वो जो रहे अनजान मता-ए-ग़म से सारी उम्र
वो आशिक़ी में ग़र्क होने की लज़्ज़त क्या जाने

हमारे खातिर तो दिल दिल है कोई शय तो नहीं
जो टूट जाए तो फिर कैसे हो मरम्मत क्या जाने

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