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जितनी भी हैं ख्वाहिशें

Priyam DubeyPriyam Dubey September 25, 2022
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जितनी भी हैं ख्वाहिशें सभी पूरी कर लो,
अगर हो कोई मजबूरी तो उससे दूरी कर लो

ज़रा ख़ुद को भी तवज्जो देना सीखना है 
ज़रूरी नहीं सभी को इतना ज़रूरी कर लो

किताब-ए-"प्रियम" जो हो गई थी ख़त्म 
दूसरा हिस्सा लिख के उसे अधूरी कर लो

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