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आओगी एक दिन

Priyam DubeyPriyam Dubey August 27, 2022
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चाहे जितना करा लो इंतज़ार पर आओगी एक दिन
जीते-जी ना सही मेरे मज़ार पर आओगी एक दिन

जैसे तेरी गलियों में आज फिरता हूॅं मैं मारा-मारा
देखना तुम भी मेरे द्वार पर आओगी एक दिन

अभी कर लो नज़र-अंदाज़ जी भर के मुझे
तुम लेकर तमन्नाऍं हज़ार पर आओगी एक दिन

मेरे मोहब्बत पर भरोसा ना हो अभी भले ही
नफ़रत पे करके एतबार पर आओगी एक दिन

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