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दुख है तो दुखेगा

Priya KusumPriya Kusum October 4, 2021
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दुख है तो दुखेगा ही 


कांटा है तो चुभेगा ही 


घाव है तो रिसेगा ही 


दरिया है तो बहेगा ही 


नशा है तो चढ़ेगा ही 


परवाना है तो जलेगा ही 


बादल है तो बरसेगा ही 


प्यासा है तो तरसेगा ही 


टूटा है तो बिखरेगा ही 


तपा है तो निखरेगा ही

और 

मोहब्बत है तो मुक्कमल भी होगी 

हो रही हैं जो आज रुक रुक के,

देखना वो बारिशे कल मुसलसल भी होंगी!

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