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मेरा यार फौजी है जब भी आता है।

प्रवीण मुन्तजिरप्रवीण मुन्तजिर August 16, 2022
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मेरा यार फौजी है जब भी आता है।

मां के लिए साड़ी बहन के लिए चुनरी और पत्नी के लिए चूड़ी लाता है।

मेरा यार फौजी है......

घर से दूर है मगर घर और मोहल्ले की खबर रखता है,

चाचा फूफा जीजा की रम,मेरे लिए हेलमेट लाता है।

मेरा यार फौजी है......

लोहे की अटैची और पीठ पर पिठ्ठू लादे हुए आता है।

मेरा यार फौजी है........

छोटे भाई के लिए मोबाइल घड़ी और किताबें भी लाता है,

भाई,बहन, मां ख्याल रखना,ये घरवाली को समझाता है।

मेरा यार फौजी है.......

घर में इन्वर्टर,बोर,टीवी की व्यवस्था,

पिता को मजदूरी न करने को कहता।

मेरा यार फौजी है......

बहन,भाई,दोस्त की शादी में एक महीना पहले,

खुद की शादी में लगुन‌ को आता है।

मेरा यार फौजी है.........

१ महीने की छुट्टी को १५ दिन बताकर,

और डेड महिने रूक जाता हैं।

इसलिए सेना में खुसी-खुसी सजा भी खाता है।

मेरा यार फौजी है......

माथे पर तिरछी तोपी पर लगे सिंह की तरह,

जंग में दुस्मन के छक्के छुडाता।

वतन के लिए अपने सीने तक में गोली खाता है।

मेरा यार फौजी है.......



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