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जब भी मिलने तुम मुझे बुलाते हो।

प्रवीण मुन्तजिरप्रवीण मुन्तजिर January 15, 2023
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जब भी मिलने तुम मुझे बुलाते हो।

एक शिकायत है तुम्हारी आकर रूलाते हो।

आते हुए रास्ते में सोच रहा था में,

मैं करीब आता हूँ या तुम पास बुलाते हो।

वे वक्त गया घर चौक ही जाना था उसको,

बोलना बस इतना था रूलाता हूँ फिर क्यों बुलाते हो।

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