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चलता फिरता मटका,देगा कहीं और जाकर छूआछूत झटका।

प्रवीण मुन्तजिरप्रवीण मुन्तजिर August 19, 2022
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चलता फिरता मटका देगा कहीं और जाकर,

छूआछूत झटका।

ऐसे कई मेघवाल है जो इस सवर्ण मटके लील लिए,

मनुवादी पत्रकार अब ढूंढ रहे मटका।

एक नौजवान जो जातिवाद के कारण,

फांसी पर जा लटका।

हाय रे ये बलात्कारी जाति के कारण संस्कारी,

पंचायतें लगा कर बता रहे हमें खटका।

आदमी आदमखोर यहां हत्या को सही बताते हैं,

हत्यारों पक्ष की खातिर खुद गायव हो गया मटका।

पद चिन्ह उस मटके के मनुवादी नहीं दिख सके,

एक रोज सारी हकीकत कहेगा ये मटका।


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