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अकेले है बो और मुस्कुरा रहे है।

प्रवीण मुन्तजिरप्रवीण मुन्तजिर January 20, 2023
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अकेले है बो और मुस्कुरा रहे है।

मुझे याद करके वो सरमा रहे है।

वो इतने याद क्यो करते है हमको,

मेरे दिल तक उनके पैगाम बार बार आ रहे है।

ये कैसी मोहब्बत की आंधी चली है,

दिये से दिये यू जले जा रहे है।

मेरी मोहब्बत का इतना असर है,

उनको आईने में हम नजर आ रहे हैं।

मेरे आने का इन्तजार कब से उनको,

जो पहुचा तो देखा वो मुझसे ही घवरा रहे है।


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