ख़्वाब....'s image
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कितनी रातें तबाह की अफसानों के सहारे
हर बार आंखों में आंसू हों ये जरूरी नही है...

कितनी ख्वाइशों को हमने मारा , कितनो से हम भी हारे
शायद मेरा हंसना उसे मंजूर ही नही है.....

~Praveen ❣️

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