दीपशिखा..'s image
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दीप शिखाएँ जल उठीं,
जल उठे कुछ तन्हा दिल..!!

आसमां की चमक चाँदनी में,
खो गए कुछ तन्हा दिल..!!

इंतज़ार में पथराई आंखों ने,
ढूंढा कोई बहाना फिर..!!

मुस्कुरा के झूठी खुशी पर,
रो दिए फिर तन्हा दिल!!
~Pratimaa srivastava

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