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अंधेरे में जलने वाला एक अकेला दीप है कविता

काँटों में खिलने वाला मनमोहक फूल है कविता

संघर्ष पथ पे थके मांदे राही की शरणस्थली है कविता

बिछड़े हुए के फिर मिल जाने की उम्मीद है कविता

जो गुनगुनाया जा सके पतझड़ में भी वो संगीत है कविता

गाते आ रहे युगों -युगों से जिसे प्रेमी वो प्रेम गीत है कविता

सारे ही कवियों की पहली-पहली प्रीत है कविता

सुख -दुख में संग-संग रहने वाली मीत है कविता

- प्रतिमा पांडेय

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