चलना ही जिन्दगी है !'s image
Poetry1 min read

चलना ही जिन्दगी है !

Pratima PandeyPratima Pandey August 25, 2022
Share0 Bookmarks 27 Reads0 Likes


कोई ख़्वाब जो टूट जाए

तो नींद से रिश्ता नहीं तोड़ते


मन्नतें अधूरी भी कभी रह जाती हैं 

लोग रब पे यकीन करना नहीं छोड़ते


प्रेम के बदले हमेशा प्रेम नहीं मिलता

मगर क्यों कोई उम्मीद रखना छोड़ दे


सफर के रास्ते में हो लाख कठिनाइयाँ

मुसाफिर मंजिल की तरफ बढ़ना नहीं छोड़ते


~ प्रतिमा पांडेय

No posts

Comments

No posts

No posts

No posts

No posts