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बापू तुम अब कभी अपने देश ना आना

Pratima PandeyPratima Pandey October 2, 2021
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बापू तुम अब कभी अपने देश ना आना

आओगे तो मन ही मन बहुत पछताओगे

यहां किसी से कुछ कह भी ना पाओगे

आजाद होकर ज्यादा फर्क नहीं पड़ा है

अफसोस तुम्हारा बलिदान व्यर्थ हो गया है

ऐसा नहीं है राष्ट्रपिता कि तुम्हें सब भूल गए हैं

तुम्हारी तस्वीर दीवार पर जगह जगह लगी है

बस तुम्हारा पढ़ाया पाठ किसी को याद नहीं है

सत्य बोलने पर यहां अब सजा मिलती है

जो झूठ बोलता है उसकी जय जय होती है

अहिंसा शब्द किताबों में जरूर मिला करता है

धर्म अब कमजोरों पर हिंसा करना बन गया है

तुम्हारी तरह भारत मां की चिंता करने वाला

यहां अब कोई देश का सेवक नहीं रह गया है

देश की कुर्सी से सबको बड़ा मोह हो गया है

तुम देश के लिए जिए, देश के लिए शहीद हो गए

यहां जनता के सेवक कुर्सी के लिए जीते हैं

और कुर्सी के लिए ही लड़ते लड़ते मरते हैं

इसलिए गांधी बाबा अब आप अपने देश ना आना

पिता का सिखाया पाठ जब बच्चे भूल जाते हैं

तो पिता को होता है कष्ट वो बहुत तिलमिलाते हैं

तुम राष्ट्र पिता हो हमें इस हाल में कैसे देख पाओगे

इसलिए कहती हूं तुम अब कभी अपने देश ना आना

आओगे तो मन ही मन बहुत पछताओगे

जानते हो बापू भ्रष्टाचार में जल्द ही हम प्रथम आएंगे

भूखमरी से तड़प कर एक दिन सारे गरीब मर जाएंगे

बेरोजगारी से परेशान युवा आत्महत्या कर जायेंगे

कृषि क्षेत्र जो रीढ़ है हमारे भारत की चरमरा रही है

पेट पालने वालों के पेट पर जो लात मारी जा रही है

सुनकर तुम्हारा गला रूंध गया होगा आंखें भर आयी होंगी

लेकिन कुर्सी प्रेमियों को, नहीं नहीं ..

जानता के प्यारे सेवकों को इसका कोई मलाल नहीं

अपनी कुर्सी से है प्यार उन्हें , अपनी मातृ भूमि का कोई ख्याल नहीं

कभी सोचा न था तुम्हारे जन्मदिन पर तुम्हें ये बताऊंगी

माफ़ करना बापू मगर मैं तुमसे ये विनती करना चाहूंगी

कि तुम अब कभी अपने देश ना आना

तुम राष्ट्रपिता हो तुम्हें टूटता देख ना पाऊंगी

- प्रतिमा पांडेय

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