एहतियात's image
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गर आप वो सुनते हैं जो सुनाया जा रहा है

एहतियात के तौर पे कह दूँ आपका वक्त जायां जा रहा है

सोईये कोई बात नहीं मगर सम्हलकर

बात पुख्ता है कोई ख्वाब दिखाया जा रहा है

न जाने किन मजदूरों के कटेंगे हाथ अबकी बार

सुना है कोई नया ताज बनाया जा रहा है

सभी मसरूफ है अपना अपना घर बचाने मे

मियाँ ऊपर उठके देखो शहर जलाया जा रहा है

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