एक तन्हा सेज़...'s image
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तड़प कर सिहरने की तमन्ना है सेज़ की,


ख्वाहिश है बाकी एक हसीं रंगरेज की।


कहीं दूर हैं जो किसी शायर के शहर में,


बस ,


चिट्ठियों के भार से सहमी जमीं है मेज़ की।



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