जो भी है's image
Share0 Bookmarks 29 Reads0 Likes

ख्वाब नही वो हक़ीक़त है

जो भी है क़यामत है

दिखती है जिसमें एक हँसती ज़िन्दगी

वो लड़की बहुत खुबशुरत है

सो जाता हूँ जिसे मैं रोज पढ़ते पढ़ते

वो खुदा की लिखी एक इनायत है

उसके शहर से मेल खाता है मिज़ाज उसका

उसकी कुछ ऐसी शख्सियत है

नखरे नवाबी बात शराबी

मुझे उसकी कुछ शिकायत है

रंग ए मिजाज कुछ गुलाब सा है

जब गुस्से में वो लबालब है

खैर छोड़ो ये जो है सब उसका है

मुझे तो बस उस से मोहब्बत है

No posts

Comments

No posts

No posts

No posts

No posts