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चली गई हो, भूल गया हूँ, वापस मत आना!

@lko_pranay@lko_pranay May 11, 2022
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वो चेहरे की मुस्कान, प्यारी सी आवाज़, तुम्हारी ओर खींच लाया करती थी

कभी बयां नही कर सके क्यूँकी तुम्हे खोने से डरते थे।

याद है मुझे तुम्हारा वो घंटों इंतज़ार कराना, बेवजह सताना, हर बात पे बहाने बनाना।

खैर अब चली गई हो, भूल गया हूँ, वापस मत आना।।


दूर हो चुका था अपनो से, झूठ बोलना सीख गया था

परवाह किया करते थे जो, उन भाईयों को छोड़ दिया था।

खो गये थे तुम्हारे ख्वाबो में इतना कि अपने सपनो को भूल गया था

देखो एतराज़ तुमको था, वरना क्या कर लेता ये सारा ज़माना।

खैर अब चली गई हो, भूल गया हूँ, वापस मत आना।।


ये सच है की कमा मै भी नही रहा था, सिर्फ तुमसे मिलने आता था

कभी चाय तुम भी पिला देती।

हर वीकेंड पे बुल्लेट से घूमा करती थी, कभी पेट्रोल भी डला देती

अच्छा दिल तो पत्थर बन गया होगा तुम्हारा, तो अब इन छोटी-छोटी चीज़ों पे मत घबराना।

खैर अब चली गई हो, भूल गया हूँ, वापस मत आना।।


कभी फुर्सत मिले तो एक आखरी बार मिल लेना

उस दिन कुछ जवाब अधूरे रह गये है।

डरो मत ज़्यादा समय नही लूँगा तुम्हारा  

वो क्या है न कि मैने चाय पीना छोड़ दिया है।


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