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नारी: एक शक्ति

PragyaPragya August 17, 2022
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नारी: एक शक्ति


वसुधा की मैं दिव्य तनुजा, अनंत व्योम की गाथा हूँ ।

अपनी कथा सुनाने वाली, मैं भारत की तस्वीर हूँ ।।


ममता का सागर हूँ तो, प्रलय काल की अग्नी हूँ ।

व्योमकेश की चिरसंगिनी, मैं भारत की तस्वीर हूँ ।।


पुरूषों का पौरूष हूँ तो, नारी का साहस हूँ ।

गार्गी, मैत्रेयी, लक्ष्मी, मैं ही इंदिरा हूँ ।।


अंबर की ऊंचाई हूँ तो, अर्णव की गहराई हूँ ।

शक्ति रूपा पुण्यसलिला, मैं भारत की तस्वीर हूँ ।।


सृष्टि की अद्भुत कृति मैं, उसकी सृजन शक्ति हूँ ।

सत्य की राह दिखाने वाली, मैं भारत की तस्वीर हूँ ।।


---- प्रज्ञा ---


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