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तुम्हारे इंतज़ार में

Pragya ShuklaPragya Shukla November 4, 2022
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कुछ पल‌ के इंतज़ार का सब्र होता न था,

अब एक उम्र गुज़ार दी तुम्हारे इंतज़ार में ।

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