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सुकूँ की तंगी

Pragya ShuklaPragya Shukla November 9, 2021
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जरूरतें सबकी बढ़ने लगी है, 

अब कमाई छोटी पड़ने लगी है.. 

ले आये तमाम ऐशोआराम की चीजें, 

सुकूँ की तो अभी तंगी ही लगी है.. 



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