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शायद अन्तर्मन

Pragya ShuklaPragya Shukla November 20, 2022
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हम अजनबी नहीं

एक दूसरे को ठीक-ठीक जानते भी नहीं

ना ही हमारी दुश्मनी है

हम दोस्त भी नहीं है

और तो और हमारे मध्य प्यार जैसा भी कुछ नहीं

नफ़रत की कोई गुंजाइश नहीं

तो फिर क्या है?

कुछ तो है इन सबसे परे

शायद अन्तर्मन,अनुभूति

जो अलौकिक है।


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