मोहब्बत's image
Share0 Bookmarks 28 Reads2 Likes

मोहब्बत में सारे ग़म मिल रहे हैं

दीवान-ए-मोहब्बत न कम मिल रहे हैं

मंजिल-ए-मोहब्बत का मिलना तय नहीं है

सफ़र में इसके तमाम हुजूम मिल रहे हैं


No posts

Comments

No posts

No posts

No posts

No posts