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लोग और सफलता

Pragya ShuklaPragya Shukla July 17, 2022
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जब नाम तुम्हारा होगा जन में,

एक तुम होगे सबके मन में।

खानदान पर ध्यान ना जायेगा,

सफलता से पहचाना जायेगा।


जो कहते थे है कलंक तुमसे जुड़ने में,

वो साथ तुम्हारा चाहेंगे खुद के उड़ने में।

असल परीक्षा होगी तुम्हारी यहीं कहीं,

संग निर्णायक नियति भी होगी वहीं कहीं।

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