मेरा 'मैं' मेरे 'मन' के खिलाफ है's image
Poetry1 min read

मेरा 'मैं' मेरे 'मन' के खिलाफ है

Pradyumn Kumar VermaPradyumn Kumar Verma June 22, 2022
Share1 Bookmarks 34 Reads2 Likes
एक ख्वाब देखा है
मन चाहता होगा वैसा
तभी तो देखा है मगर,
मेरा 'मैं' नहीं चाहता।

उस बेहद खूबसूरत ख्वाब
को हकीकत करने में
मेरा 'मैं' मेरे 'मन' के खिलाफ है।

- प्रद्युम्न

No posts

Comments

No posts

No posts

No posts

No posts