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'स्वीकृत किया निमंत्रण नेह का परिभाषित की प्रीत.....'

Pradeep Seth सलिलPradeep Seth सलिल November 21, 2022
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'कम्पित किए सजन यूँ तुमने मन वीणा के तार'


राधा सी मैं हुई बाबरी तज जग की हर रीत

स्वीकृत किया निमंत्रण नेह का परिभाषित की प्रीत,

कंपित किए सजन यूँ तुमने मन-वीणा के तार

ज्यों जमुना तट बजी बाँसुरी अधर सजे सुर गीत।


--प्रदीप सेठ सलिल


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