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स्वीकृत किया निमंत्रण नेह का परिभाषित की प्रीत....

Pradeep Seth सलिलPradeep Seth सलिल February 7, 2022
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"कंपित किए सजन यूँ तुमने मन-वीणा के तार"


राधा सी मैं हुई बाबरी तज जग की हर रीत

स्वीकृत किया निमंत्रण नेह का परिभाषित की प्रीत,

कंपित किए सजन यूँ तुमने मन-वीणा के तार

ज्यों जमुना तट बजी बाँसुरी अधर सजे सुर गीत।


--प्रदीप सेठ सलिल


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