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जिन्हें है वास्ता हरदम किसी रोटी के टुकड़े से....

Pradeep Seth सलिलPradeep Seth सलिल January 9, 2022
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'तिलिस्म चाँद का उनके लिए तो कुछ नही होता'



रोटी की तलब उनको भी जलसों में ले गयी,

झण्डों से रिश्ता पेट का कितना करीब है।


किसी मज़लूम की ग़ज़लों किसी नग़्मे ने मुफ़लिस के,

मुसलसल ईश्क का इज़हार रोटी से किया होगा।


तिलिस्म चाँद का उनके लिए तो कुछ नही होता,

जिन्हें है वास्ता हरदम किसी रोटी के टुकड़े का।

---प्रदीप सेठ “सलिल”


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