मैं चलती हूं's image
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ठीक है मैं चलती हूं,
किसी दूसरी दुनिया में कभी तुझसे मिलती हूं,
अब मैं चलती हूं

तुझे तकलीफ से रूबरू करा भला,
कौन सा सुख पाऊंगी,
जो तू टूटता दिखा मुझे,
मैं कांच सी बिखर जाऊंगी,
अब मैं चलती हूं

परेशान न हो,
तेरी जीवन बेला में हम बेनाम रहेंगे,
तेरे हर रस्ते से अंजान रहेंगे,
तुझे मांग पर पाया भी तो क्या पाया,
हम गुमनाम थे हमेशा गुमनाम रहेंगे
अब मैं चलती हूं

अपने जीवन की जीवंतता को कभी मरने न देना,
कभी सवेरे के सूरज की तपिश महसूस करना,
कभी पानी बरसे तो जरा भीग लेना,
कभी ठंडी हवा चले तो महसूस करना,
कभी बादल गरजे तो उनसे नजर भर लेना,

मेरे सांसे,मेरा स्पर्श,मेरी खुशबू,मेरा दर्द,
तुझे रंगो से बिखरते नजर आएंगे,
हम जी रहे होंगे कही दूर फिर से एक हो जाएंगे

पर अब मैं चलती हूं
फिर किसी दूसरी दुनिया में तुझसे मिलती हूं

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