लाज़मी's image
Share0 Bookmarks 244 Reads3 Likes
लाजमी है मेरी जां तेरा रूठ जाना,
मुक्कमल सा लगता है मेरा मनाना

तू नखरो में लगती खुदा की कयामत,
वो खुद भूल जाता है पलके झुकाना

तेरे रूप का मैं हूं कायल कसम से,
ढूढता हूं हर पल दीदार ए बहाना

अदब तेरी रूह का यूं लगता जेहन पर,
लगे मुझको अब ये जालिम जमाना

चहकते है हम हर अदा पे तेरी,
नजरों के प्याले ज्यों हो महखाना

मोहब्बत में तेरी है उलझे बला के,
बेहोश से अब हम हमें न जगाना

No posts

Comments

No posts

No posts

No posts

No posts