एक औरत होना।'s image
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घुटन सा लगता है कभी-कभी एक औरत होना।

यहाँ पैदा होते ही थमा दिया जाता है,

मर्यादा और मान-सम्मान का खिलौना।

कोई और यहाँ तय करता हमारा,

उठना-बैठना, पहनना-ओढ़ना, जागना-सोना।

जिस पर बीते वही समझ पाए,

कैसा लगता है एक अनचाहे व्यक्तित्व को ढ़ोना।

अपने किसी निर्णय का अधिकार दिया नहीं,

फिर बड़ा सरल होता है उनके लिए अंत मे कहना,

कि रहने दो तुमसे कुछ ना होना।।


-पूजा वशिष्ठ





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