प्रेम में जिसका पर कटा हो मैं वो परिंदा हूं,

अब तक की अपने किए पे अत्यंत शर्मिंदा हूं,

ए जिंदगी! बता कि मौत से लड़- लड़कर 

अब तुझमें रक्खा ही क्या है जो मैं जिंदा हूं.!!!

!!  कुमार लक्ष्मीकांत!!


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प्रेम में जिसका पर कटा हो मैं वो परिंदा हूं, अब तक की अपने किए पे अत्यंत शर्मिंदा हूं, ए जिंदगी! बता कि मौत से लड़- लड़कर  अब तुझमें रक्खा ही क्या है जो मैं जिंदा हूं.!!! !!  कुमार लक्ष्मीकांत!! जन्मदिन मुबारक!

lkn kant vishnulkn kant vishnu July 7, 2022
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प्रेम में जिसका पर कटा हो मैं वो परिंदा हूं,
अब तक की अपने किए पे अत्यंत शर्मिंदा हूं,
ए जिंदगी! बता कि मौत से लड़- लड़कर 
अब तुझमें रक्खा ही क्या है जो मैं जिंदा हूं.!!!
!!  कुमार लक्ष्मीकांत!!

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