है ठान लिया हमने  सूरज सा जलना है | Dasvi | Ashishh Pandit's image
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है ठान लिया हमने सूरज सा जलना है | Dasvi | Ashishh Pandit

Poetic LyricsPoetic Lyrics April 1, 2022
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है ठान लिया हमने

सूरज सा जलना है

सपनों को दो परवाज़

अगर उड़ने की तमन्ना है

उँचे रहे है जो

तेरे कद से इरादे

तो ये फलक मगरूर

हो भले कोहरा घना

तुम मगर गम ना मनाओ

ज़रा कदम बड़ा छट जाएगा

नज़रिया बदल के

नज़ारे बदल दे

खिलाफत के सारे

इशारे बदल दे

पैरों पे आके तेरे

मंज़िल रुकेगी ज़रूर


है ठान लिया हमने

सूरज सा जलना है

सपनों को दो परवाज़

अगर उड़ने की तमन्ना है


[Ashishh Pandit]



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