उम्मीद के पल's image
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उम्मीद के दो पल , आसमां की तरह ..

उम्मीद के दो पल काफ़ी होते है। उस समय जब रास्ता ना दिखाई दे , और कोई अंजान व्यक्ति आकर सही पता दे देता है ।चाहे आप किसी उलझन में फंसे और कोई व्यक्ति गर आपको आशा और उम्मीद दे , उम्मीद के वो दो पल काफ़ी है । किसी को रूठने मनाने के लिए, उम्मीद के दो पल काफ़ी ।कोई मत्यु से संघर्ष कर रहा है ,और कोई समय अस्पताल लेकर पहुंचा दे , और उस व्यक्ति की जान बच जाएं , उम्मीद के दो पल काफ़ी है। यदि किसी भूख लगी है ,और कोई भोजन करा दे । उम्मीद के वो दो पल काफ़ी है। किसी के सिर पर छत नहीं है ,और कोई रहने के लिए आसियान मिल जायें। उम्मीद के दो पल काफ़ी है , आसमान की तरह जरा जिय के तो देखो।

© पिन्टू वर्मा

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