तोड़ना-जोड़ना's image
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काश दिल जोड़ना उतना ही मुश्किल होता,
जितना की दिल तोड़ना |

बस कुछ एक मुलाकात,
कुछ इधर-उधर की बात,
नज़रो को देख दिल में देखने की घात,
धीरे-धीरे किसीके लिए उभरते जस्बात,
कभी उनके होना लगता एक ख्वाब,
और न होना बुनता ढेरो ख्याल,
दिल जुड़ जाता है इन्ही छोटी-छोटी चीज़ो के बीच,
एक वक्त के लिए,
जो हो सकता है कभी महीने साल या जन्मो तक के बीच |

वहीं दिल टूटता है थोड़ा-थोड़ा कई रोज़,
और फिर एक दिन बिखर जाता है,
जैसे रूह निकल जाती हो देह से,
दर्द इतना की चीख भी न निकले,
दीखते नहीं जख्म आँखों से,
पर होते है नासूर से भी गहरे,
टिश उठती है देखे उन्हें जब भी,
मुस्कुरा के छुपाने पड़ते है जख्म गहरे,
कहना चाहे भी कुछ तो कोई क्या कहे,
सोचते होंगे बेहतर है चुपचाप सहें,
युहीं टूटता है दिल ख़त्म करते हुए भरोसे कई,
सोचकर की अच्छा होगा इन सब से अब दूर ही रहें |

वक्त भर देता है हर झकम चाहे हो कोई,
पर काश दिल जोड़ना उतना ही मुश्किल होता,
जितना की दिल तोड़ना |

- पिंकी झा 

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