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Romantic PoetryPoetry1 min read

इश्क़ खुद में ही इतना पूरा है,

pinki jhapinki jha September 1, 2021
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इश्क़ खुद में ही इतना पूरा है,

इसके बिना बाकी सब अधूरा है,

जो चढ़ जाए इसकी धून, 

कुछ और कहा पाते सुन ,

खोए रहते है इन्ही गलियों में,

याद और एहसास की रंगरलियों में, 

कभी नीभ न पाई तो क़र्ज़ ,

जो राज़ी हुई तो फ़र्ज़ ,

दिल टूट जाये तो गहरा दर्द, 

जिंदगी बीते इसी सहारे तो हमदर्द ,

कलमों से निकला शेर,

जलाई यादों का ढेर ,

घर वापसी की देर , 

बहानो की उलट फेर ,

छोटी-बड़ी कोशिशों में इश्क़ पूरा है,

अधूरी है बस कोशिशें हमारी, 

वरना इश्क़ खुदमे कहा अधूरा है | 

- पिंकी झा 

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