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गाँव का आँगन

Pinak_ModhaPinak_Modha March 12, 2022
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गाँव का आँगन छोड़ शहर के दो कमरों में तरक्की कर रहे हो

तुम लोग भी मेरी तरह ज़िंदगी की गलतफहमी में जी रहे हो 

~ पिनाक मोढ़ा 

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