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सरगोशियाँ

KamilKamil February 21, 2022
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अकेला तू ही नहीं अकेला, फिर क्यूँ रोता है,

पर्दा सब रखते हैं यहाँ, यहाँ यही होता है,


सरगोशियाँ करते हैं वो भी जी भर कर,

जो कहते हैं - 'कोई बात नहीं, होता है'


~कामिल

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