मैं वह नहीं हूँ।'s image
Poetry1 min read

मैं वह नहीं हूँ।

KamilKamil March 10, 2022
Share0 Bookmarks 129 Reads3 Likes

मैं वह नहीं हूँ, जिसे पहचानने की आपको आदत है।


मैं हिन्दू, मुस्लिम, सिख, ईसाई, जैनी या और कुछ भी नहीं हूँ।


न मैं अल्पसंख्यक हूँ, न ही बहुसंख्यक।


न मैं पूर्वी हूँ, न पश्चिमी, न उत्तरी, न ही दक्षिणी।


न मैं नर हूँ, न ही नारी।


और यह सब न होकर भी,


न मैं परमात्मा हूँ और न ही निर्जीव।


मैं वह हूँ जो मुझे होना चाहिए।


मैं पथिक हूँ,

जिसे चलने से मतलब है; पथ, सहपथी, या गंतव्य से नहीं।


~कामिल

No posts

Comments

No posts

No posts

No posts

No posts