विडंबना's image
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एसी में बैठ कर कंप्यूटर पर काम करने वाली उंगलियां इतना नहीं थकती

जितना कड़ी धूप में रिक्शा चलाने वाले पैर थक जाते हैं, फिर चाहे वो बुज़ुर्ग हों या जवान...।

लेकिन विडंबना तो देखो... लोग 20/ 30 रुपयों के लिए उनसे ऐसे लड़ते हैं जैसे रिक्शे वाले उनसे उनकी आधी कमाई मांग रहे हों!!


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