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जिंदगी ने हमें ज़िन्दगी भर गम दिए है 

पर हमने अपने हौसले कहाँ कम किये है 


मेरे दुश्मन भी मुझसे इसलिए परेशान है कि 

उनके खंजरों के जबाब मैंने मुस्कुराकर दिए है 


रातों में जुगनुओं अब तुम्हारा कोई काम न रहा 

हमने अपने घर में उजाले आफ़ताबों से किये है 


दुनिया को आज खुलकर बता दे अल्पज्ञ 

आज से हमने ऐयार दोस्त बदल दिए है 


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