नामुमकिन नहीं होता's image
Love PoetryPoetry1 min read

नामुमकिन नहीं होता

Parag Pallav SinghParag Pallav Singh December 26, 2022
Share0 Bookmarks 51 Reads0 Likes

नामुमकिन नहीं होता


मिलना

मुस्कुराना

जानना

शर्माना

सताना

रूठना

मनाना

निभाना

बचाना

बटोरना

बिखरना

तड़पना

सिहारना

बिछड़ना

चले जाना

रोना

सिसकना


और अंत में

सब भुलाना


नामुमकिन नहीं होता...

सिर्फ मुश्किल होता है!

No posts

Comments

No posts

No posts

No posts

No posts