चुप्पी's image
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हर चुप्पी ख़ामोशी नहीं हैं, बयां ये अलग अलग परिस्थितियों से होती है,

कभी अलसुबाह उठकर देखो वो चुप्पी हर तरफ़, वो धीमे धीमे चिड़ियों का चहकना,

वो मध्यम सी चलती हवा, वो आपस में बादलों का मुस्कुराना,

वो नई ताजगी इक मौसम में वो प्रेम का उसमे घुल जाना,

वो उम्मीदों की लहर उस दिल में, वो आंखों का चमचमाना,

एक बार महसूस करो ये चुप्पी को भी तुम फिर समझ जाओगे की हर चुप्पी ख़ामोशी नहीं होती।


© Palash Lalwani

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