किस्मत's image
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कौन पूछे हाल गिरती मीनारों का,

दबे हुए को और दबाने का मिजाज़ है ज़माने का !

घडी की सुई वक़्त तो बता सकती है पर,

बता नहीं सकती वक़्त कैसा होगा किस्मत के मारो का !

By Palak Agrawal [Writeupsfromtheheart]


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