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शोर बढ़ता ही जा रहा है सफर में

रोमिलरोमिल February 18, 2022
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शोर बढ़ता ही जा रहा है सफर में,
वक्त कट रहा है किसी के ऐतबार में।

जिक्र कर रहें हैं हम उस फिक्र का,
की रह न जाएं बैठे यूहीं इंतजार में।

राह से गुजर रहे थे मिल जो गए वो,
कह दिया करो सब्र आयेंगे दयार में।

रोज नए वादे सुनें और कर भी लें यकीन,
कट न जाए सफर कहीं इसी रोजगार में।

सजदे में झुक गए हम जो दिल में दी जगह,
तुम राम नाम जप रहे दबीर पड़े तिहाड़ में।

ये जो चल रहा है अभी तगाफुल का सिलसिला,
जो हम थक गए तुम भी बह जाओगे अगली बयार में।

कहें तो और क्या कहें दीवाने हैं हम,
हम जैसे कितने ही फसें इस मंझधार में।

शोर बढ़ता ही जा रहा है सफर में,
वक्त कट रहा है किसी के ऐतबार में।

                                       ( - रोमिल )

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