सिर्फ कहानियां रह जाती हैं's image
Zyada Poetry ContestPoetry1 min read

सिर्फ कहानियां रह जाती हैं

रोमिलरोमिल January 4, 2022
Share0 Bookmarks 69 Reads1 Likes

लोग चले जाते हैं बस निशानियां रह जाती हैं।

कुछ मीठी, कुछ तीखी कहानियां रह जाती हैं।


तुम थे तो तुम भी सुनाया करते थे,

कभी पुचकार तो कभी फटकार बरसाया करते थे,

वो गणित के प्रश्न पूछ के बच्चो को भगाया करते थे,

बड़े प्यार से आयुर्वेद के गुण समझाया करते थे।


पाता नहीं गांव से क्यों इतना प्यार था,

परिवार ही तुम्हारा सारा संसार था,


वो गुस्से से पलट कर कमरे से निकल जाना,

प्यार से छोटी छोटी गलतियों पे समझना।

राजदूत मोटरसाइकिल पे बैठ के रोब दिखलाना।

कितना फुटबॉल खेलते थे ये बतलाना।


और न जाने कितनी ही बातें याद आती हैं,

जाने के बाद सिर्फ कहानियां रह जाती हैं।



No posts

Comments

No posts

No posts

No posts

No posts