सरकारी टैक्स's image
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उम्मीद का च्यूइंग गम चबाते रहिए,

जिंदा रहना है तो जिंदा हो बताते रहिए।

कच्चे पक्के सड़कों पे जिंदगी का स्कूटर चलाते रहिए,

सरकार को टैक्स भर भर के गंगा नहाते रहिए।


बजट आएगा और बजट जायेगा,

सरकार बोलेगी इलाके में अस्पताल और पाठशाला बन जायेगा।

मध्य वर्ग हैं आप उम्मीद के गुब्बारे फुलाते रहिए,

सरकार को टैक्स भर भर के गंगा नहाते रहिए।


साहेब ने बोला मंदिर - मस्जिद यहीं बनाएंगे,

सड़के बने न बने उदघाटन करने वो चले आयेंगे,

टैंकर वाले पानी से घर चलाते रहिए,

सरकार को टैक्स भर भर के गंगा नहाते रहिए।


हर बरसात शहर में बाढ़ आ जायेगी,

हर घर घर में स्विमिंग पूल की कमी नहीं रह जायेगी।

नाला और घर एक हुआ गंदे पानी में छप छपाते रहिए,

सरकार को टैक्स भर भर के गंगा नहाते रहिए।

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