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खिल रहे हो जो तुम

रोमिलरोमिल March 29, 2022
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खिल रहे हो जो तुम, 
नए पत्ते भी निकल आएंगे।
सभी की निगाह होगी तुझ पे, 
लोग कसीदे भी पढ़ जायेंगे।
होगा कुछ गुरूर तुमको भी अपने हुस्न पे,
फेर लेना हमसे तुम नजर,
ऐ दिल नशीन जो आया पतझड़,
हम जैसे कुछ दोस्त ही रह जायेंगे।
ले लेना मेरा कंधा, 
रो लेना जी भर के।
कुछ बूंदें जो टपकी दिल पे,
 मेरे दिल के भी पंख निकल आएंगे।
उम्र भर साथ दूंगा मैं,
तुझसे वादा है मेरा।
मुसाफिर मैं हूं नही,
की दो पल ठहरे और फिर निकल जायेंगे।

@रोमिल 

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