गृहस्थी का चरखा's image
Share0 Bookmarks 127 Reads2 Likes

ये भी ले लो, वो भी ले लो।

हैं जेब में पैसे तो ठीक नही तो लोन पे खेलो।


ऐसे मुझे घूमने भी जाना है,

फुरसत नहीं है तुम्हे ये तो बस एक बहाना है।

मुझे मालूम है इन सबमें पैसे लगते हैं,

पर साल में एक दो बार तो जा ही सकते हैं।


तुम्हे याद है ना एक घर भी बनाना है,

जहां रह रहे हैं हम वो किराए का ठिकाना है।

देखो होम लोन के रेट भी कम हैं,

और याद रखना पुराना लोन भी चुकाना है।


हाय बच्चे की एडमिशन का टाइम भी आ गया है,

एक नोटिस आया था फीस बढ़ने की खबर बता गया है।

नई किताबें और नया ड्रेस भी लेना होगा।

स्कूल कुछ दुकानों की लिस्ट थमा गया है।


घर आते समय सब्जी भी लेते आना,

मेहमान आने वाले हैं बुनना पड़ेगा मिठाइयों का ताना बाना।

साथ में नया साल मनाएंगे।

अपना तो सात जन्मों का नाता है आप कहां भाग पाएंगे।


ये साल कुछ ऐसे बीत गया,

अगला भी कुछ ऐसे ही बीतेगा।

घर गृहस्थी का चरखा है,

हर जंग महिला मोर्चा ही जीतेगा।


ये भी ले लो, वो भी ले लो,

हैं जेब में पैसे तो ठीक नही तो बैंक से ले लो।

No posts

Comments

No posts

No posts

No posts

No posts