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दूर रह के भी ख्वाबों में

रोमिलरोमिल February 1, 2022
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दूर जा के भी ख्वाबों में आते है वो,

मोहब्बत बड़ी मुसीबत है वजह फरमाते हैं वो।


यूं भी जिंदगी में मुस्किलें हैं बहुत,

ना हो जो उनका दीदार मुश्किलें बढ़ाते हैं वो।

हाल ऐ दिल अब कहें तो कहें किस से,

इजहार ए इश्क से पता नहीं क्यों घबराते हैं वो।


दूर जा के भी ख्वाबों में आते है वो,

मोहब्बत बड़ी मुसीबत है वजह फरमाते हैं वो।


साथ होते हैं तो हया के पर्दों में छुप जाते हैं वो,

जो हम कहें की करते हो सितम हाय बड़े प्यार से समझाते हैं वो।

जो न हो जिक्र उन आंखों का तो होगा कुफ्र दबीर,

जो हो खफा उन आंखों से मोतियां बरसाते हैं वो।


दूर जा के भी ख्वाबों में आते है वो,

मोहब्बत बड़ी मुसीबत है वजह फरमाते हैं वो।


सज़ा-ए-इश्क़ के दरिया में मैं बहूँ तो बहूँ कब तक,

ज़माने के सोच की तहकीक से कहां निकल पाते है वो।

फुसूँ-साज हैं वो और दिल-निहाद भी वो,

मेरे दिल की तड़प को कहां समझ पाते हैं वो।


दूर जा के भी ख्वाबों में आते है वो,

मोहब्बत बड़ी मुसीबत है वजह फरमाते हैं वो।


              -(रोमिल)

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